Sunday, January 15, 2017

"what a waste"

हर बार एक नए इंसान से मिलता हूँ,
और हर बार बिछड़ते वक़्त,
एक कुछ हिस्सा सा है जो कम हो जाता है,
और आदमी बदल जाता है।
हर बार वही शब्द इस्तेमाल करता हूँ, तो अटपटा सा लगता है,
जैसे ख़ुद को cheat कर रहा हूँ,
"प्यार" उतना प्यारा sound नहीं करता,
एक trap सा लगता है,
जो और भी गहरा होता जाता है,
हर बार।
पहले पहल मुश्किल था, और पहली बार
तो सालों लग गए थे, वो क्या कहते हैं?
move on करने में।
बहुत फड़फड़ाया था,
....एक परकटी  तितली की तरह,
सारे रंग जिसके फैल जाते हैं किसी बच्चे के शैतान हाथों में आकर,
और फिर घंटों निकल जाते है,
balance पाने में,
(कुछ cases में वो भी नहीं होता)
एक तो उम्मीद से इतनी गहरी दोस्ती थी उन दिनों,
कि बात बात पर बस लगा बैठते थे,
"you're nonchalant" तभी उसने कम्बल से अपने सर को ढकते हुए कहा,
और मैं पास ही में दुसरे bed पे लेटकर पूरी रात सिर्फ़ ये सोचता रहा,
कि उसने ऐसा क्यों कहा होगा,
फिर अगले दिन,
वो बिना मुझे जगाए चली गयी, सुबह होते ही,
और मैं अगले दिन भी सिर्फ़ ये सोचता रहा,
कि उसने ऐसा क्यों कहा होगा?
हर बार,
एक धक्का सा दे देता है कोई,
और थोड़ा और नीचे गिर जाता हूँ मैं,
फिर कोई आता है,
तो हाथ पकड़ता हूँ, पर trust नहीं होता,
और आदमी थोड़ा और बदल जाता है।
जैसे उस रात,
कई सारी कविताएँ सुनाई मैंने,
उसको Bukowski की,
वो कहती रही, कोई अपनी सुनाओ,
और मैं कहता रहा "तुम समझ नहीं पाओगी"
फिर जब बात थोड़ी और intimacy की आयी,
तो मैंने किताब रख़ दी एक तरफ़ ,
और body language पढ़ने लगा,
और उस पर अमल भी किया,
वो एकदम पास आयी और  कहने लगी
"I like the way you talk, ...keep talking"
कुछ समय बाद, मुश्किल था,
जब हलक़ में अटकी हो जान आपकी, किसी और के,
but I kept talking,
and then,
she gargled and came back to bed,
and I was out of words.

कुछ बदली सी थी अचानक,
जैसे मेरा stress release हो कर उसमे चला गया हो,
but I remembered,
she gargled and came back to bed,
फिर
कभी मेरा हाथ पकड़ कर मुस्कुराती,
तो कभी,
Bottle फेंकती पानी की युहीं room  में,
कभी कहती "एक और कहानी सुनाओ"
फिर कहती "just shut up and sleep man!"
so I got up and went to another bed,

हर बार एक और परत चढ़ जाती है,
ख़ामोशी की,
फिर गुस्सा आता है, जब लोग जो जानते नहीं हैं,
वो टोकते हैं, कि  तुम चुप क्यों हो?
हर बार थोड़ा और दूर चला जाता हूँ मैं,
थोड़ा और Cautious,
but... 

how does one carefully love?

और हर बार,
आदमी थोड़ा और बदल जाता है।




-प्रणव मिश्र












 





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