Wednesday, January 18, 2017

"poetry का market down है,
अब कोई नहीं पढता,
और तुम तो fashion से हो?
किसी dress के construction पे कोई क़िताब क्यों नहीं लिखते,
एक खलीफ़ा हैं,
जो अभी अभी बनारस में कुछ टट्टी कर के आये हैं,
हमने देखो, छाप दिया। "

थोड़ी खरखराहट थी,
पर, ... आवाज़ आती रही,
शब्द इतने बारीकी से place नहीं थे originally,
but I am just taking my creative freedom. 
मैंने कहा 
"आप पढ़ो, 
poetry नहीं है,
बस एक कहानी है,
जो छोटे-छोटे टुकड़ों में 
release करता हूँ,
season 1 ... season 2 ... season .. 
"कुछ style पे भी अगर लिख दोगे,
तो हम छाप देंगे,
जैसे काली t-shirt पे जूते कौन से color के हों?"
या फिर inspire कहाँ से होते हो,
what inspires you,
or has inspired you?'

I said "my Dad,
बहुत मेहनती हैं। "

वो बोली "वैसे नहीं, 
कुछ काली पीली तितली जैसा,
you know like I'm inspired by the color red,
तुम्हें भी होता होगा?"

फ़िर phone कट गया।




-प्रणव मिश्र 









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