Wednesday, January 25, 2017

कई दिनों तक

एक कड़ी शुरू करी उन दोनों नें,
छुप-छुप के की बातें,
मज़ा भी आया,
कई दिनों तक,
भीगे एक साथ,
shower में,
और एक दुसरे के  बदन पर,
साबुन भी लगाया,
कई दिनों तक,
Towel अक्सर एक होती थी,
(मत पूछो क्यों)
और इंसान दो,
टपकता पानी भी,
फिर नहीं शरमाया,
कई दिनों तक,
एक छोटा सा rule भी बनाया था,
उन दोनों ने,
वो weekends पे,
कपड़ों के बटन,
सिर्फ़ दांत से ही खुलते थे,
और दांत से ही अगली party को,
बेनक़ाब करना होता था,
मुश्क़िल था,
ये सीने के पास वाले काज में,
बहुत वक़्त लगता था,
(मत पूंछो क्यों)
फिर कभी ज़बान फिसलती थी,
और कभी नीयत,
एक छोटा सा code था, "Done" ... publicly ,
तो हर बात इशारों में ही पूरी हो जाती थी,
और कोई समझ भी नहीं पाया,
कई दिनों तक।



-प्रणव मिश्र










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